एक बिस्तर में बीवी और साली की चुदाई

साली कुसुम की चूत और गांड कैसे मारी वो मैं आगे एक कहानी में आप को बता चूका हूँ. कुसुम को मैंने मधु की डिलीवरी के बाद भी पूरा महिना चोदी. और साली की चुदाई का यह सिलसिला ख़त्म होने का मुझे बड़ा अफ़सोस था. लेकिन मेरे नसीब में शायद और एक सुख लिखा हुआ था जो आज से कुछ २ महीने पहले हुआ था. कुसुम को किसी दफ्तर में जॉब के लिए ऑफर आया और वो फिर एक बार हमारे शहर आई, और इस बार भी वो चुदी. लेकिन इस बार वो अकेली नहीं अपनी दीदी मधु के साथ में चुदी. तो पढ़े कैसे मेरा, बीवी और साली का थ्रीसम सेक्स.

साली की चुदाई की याद ताज़ी हुई

सुबह का समय था मैं अखबार पढ़ रहा था तभी मेरी बीवी आई.

मधु: अजी सुनते हो, ये स्टार इवेंट मेनेजमेंट वालो को जानते हो आप.

मैं: अरे तुझे दूसरी शादी करनी हैं क्या?

मधु: तुम भी ना हमेंशा उलटी ही बात करोंगे. कुसुम का इंटरव्यू हैं.

कुसुम का नाम सुनते ही मेरी आँखों के सामने साली की चुदाई और सारी रंगरलियाँ आ गई. मैंने गला साफ़ कर के पूछा: कुसुम का इंटरव्यू यहाँ पे?

मधु; हाँ उसने यहाँ अप्लाय किया हैं.

मैं समझ गया की साली की चूत जीजा का लौड़ा ही मांग रही हैं. मैंने मधु को कहा की मैं उन्हें नहीं जानता लेकिन देखूंगा. मेरे मन में तो लड्डू फुट रहे थे साली की चुदाई के बारे में सोच के ही. दुसरे दिन जब कुसुम घर आई तो मैं उसे देखता ही रह गया. पिछली बार जब मैंने उसे चोदा था तो वो एक हसीन जवान 19 साल की लड़की थी, आज भी उम्र में कुछ ज्यादा फर्क नहीं आया था लेकिन अब उसकी छाती और गांड में भारीपन आ गया था. मधु के जैसे ही उसकी छोटी बहन की गांड भी बड़ी होने वाली थी शायद.

मधु की नजर दूसरी तरफ गई तो मैंने धीरे से कुसुम को इशारा भी किया के उसकी गांड सेक्सी हैं. यह वही गांड हैं जिस में मैंने अपना लंड डाला था. कुसुम प्यारभरी नजरों से हंस पड़ी. मुझे उसका रौद्र स्वरूप याद आया जब वो उछल उछल के मेरे लंड को चूत में लेती थी.

ऐसे ही देखादेखी में दिन निकल गया पता ही नहीं चला. मेरी इंटरव्यू वालों से पहचान नहीं निकली और कुसुम इंटरव्यू दे भी आई. शाम को मधु ने लेम्ब करी और रोटी बनाई. खाने के टेबल पे ही मैं कुसुम की जांघो को मसल के उसे उत्तेजित कर रहा था. वो भी बिच बिच में मेरे लंड पे हाथ मार रही थी. काश मधु ना होती तो मैं डाइनिंग टेबल के निचे जा के मधु की जवान चूत को चाट लेता. ऐसे करते करते रात भी हो गई. मैं बस सोच रहा था की मधु आगे पीछे हो और मैं साली की चुदाई कर सकूँ. कुसुम को भी मैंने मधु के इधर उधर होने का इंतजार करते और बेबस होते देखा था. मुझे लगा की कुसुम की चुदाई आज इतनी जल्दी से नहीं होंगी तभी मुझे ख़याल आया की निचे स्टोर रूम में अगर वो किसी तरह आ जाएँ तो चूत में दिया जा सकता हैं. मधु जब पानी लेने गई तो मैंने कुसुम को 15 मिनिट के बाद स्टोर रूम में आने को कहा. जब मधु वापस आई तो मैने कहा की मैं जरा बहार राउंड लगा के आता हूँ. इतना कह के मैं उठा और कपडे चेंज किये ताकि मधु को शक ना हों. और मैं रूम के बहार आया, मैं बहार जाने की बजाय निचे जा के स्टोर रूम में छिप गया. मेरा लंड खड़ा होचूका था जो पेंट में ही कंपन लगा रहा था. मैं बेसब्री से कुसुम के आने की राह देख रहा था बस.

पुरे 20 मिनिट के बाद स्टोर रूम का दरवाजा खुला और मैंने देखा की कुसुम धीरे से अंदर आई. मैंने जैसे ही वो अंदर आई उसे जाके लपक लिया. उसके होंठो के ऊपर अपने होंठ लगा के मैं उसे जोर जोर से किस करने लगा. उसका हाथ सीधा मेरे लंड पे आ गया जिसे उसने अपनी हथेली में जकड़ लिया.

कुसुम: जीजू आप ने हमें याद किया की नहीं…?

मैं: अरे याद क्यूँ नहीं करेंगे मेरी रानी. teri चूत और गांड ने तो पागल किया हुआ हैं मुझे.

इतना कह के मैं फिर से उसे चाटने लगा होंठो के ऊपर. कुसुम ने धीरे से मेरी ज़िप खोली और लंड को बहार निकाला. इस लड़की को पता था की अंडरवेर कैसे साइड में करते हैं, मैंने उसे सब कुछ तो सिखाया था. उसने लंड को बहार निकाला और वो जैसे उसकी मूठ मारने लगी. मेरा लंड जोर से कंपन ले रहा था और मैंने अब धीरे से उसकी टी-शर्ट को पकड के उठा दी. बाप रे उसकी चुंचियां तो सच में मस्त बड़ी और गोल हो चुकी थी. मैंने ब्रा खोल के उन्हें बहार की और जोर से मसलने लगा. कुसुम अभी भी मेरे लंड को मसल रही थी. अब वो अपने घुटनों के ऊपर जा बैठी और मेरे लंड के सुपाड़ें पे चुम्मे देने लगी. मैंने कुसुम के मुहं को पीछे से दबा के खिंचा लंड की तरफ. उसने अपने मुहं को खोल के लंड को अंदर लिया. वाऊ उसके गरम गरम होंठो और जबान का स्पर्श मेरे लंड को क्या मजे दे रहा था. उसने अपनी जबान को अभी तो लंड पे फेरा ही था की स्टोर रुम का दरवाजा धम से खुला.

बाप रे मधु वहां पे खड़ी देख रही थी. कसूम ने फट से लंड मुहं से निकाला और वो उठ खड़ी हुई. मैंने ज़िप बंध की, मैं चौंका पड़ा था.

मधु: अच्छा तभी मैं सोचूं की आप ने आज हफ्तों बाद बाजार जाने की तसदी क्यूँ ली, वो भी अपना मोबाइल भूल के. क्यूँ री कुसुम तुझे जीजू के साथ गुलछर्रे उड़ाने थे या इंटरव्यू देना था.

मैं और कुसम कुछ नहीं बोले. मधु बोलती रही, “मुझे प्यासा रख के तुम इसकी चूत सींच रहे हो. मुझे कहा होता तो मैं कुसुम की चड्डी तुम्हारें लिए उतार देती.”

इस लाइन से तो मैं धक्के लगने सा महसूस कर रहा था. अब मेरी जबान खुली.

मैं: मधु मुझे लगा की तुम्हे पोस्ट प्रेग्नंसी हैरान नहीं करना. कुसुम की कोई गलती नहीं हैं.

मधु: क्यूँ प्रेग्नंसी के बाद क्या चूत पानी नहीं निकालती? मुझे आज भी तुम्हारा लंड रोज रात को लेना होता हैं लेकिन तुम बस सोंये रहते हो.

मैं: तो कहों ना मैं रों तुम्हे चोद सकता हूँ.

मधु: तो चलो फिर, तू भी चल कुसुम आज मिल बाँट के लंड लेंगे तेरे जीजू का.

साली और बीवी को साथ में पेला

मधु और कुसुम अपनी फैली हुई गांडो को उठा के चल पड़ी. मेरी किस्मत मुझ पे इतनी महेरबान होंगी ऐसा मैंने सोचा नहीं था. मधु ने बेडरूम का दरवाजा खोला और उसने मुझे लंड के पास से पकड के अंदर खिंचा. कुसुम अभी भी जैसे डरी डरी सी थी. उसकी हिचकिचाहट शायद मधु ने भी भांप ली और वो बोली, “कुसुम निकाल अपने जीजे के लौड़े को बहार और चूस जैसे तू कुछ देर पहले कर रही थी.”

कुसुम आके मेरे घुटनों के पास बैठी और मधु ने खुद अपने हाथ से मेरे लंड को बहार किया. कुसुम ने फिर से अपने थूंक से लंड को भिगोना चालू किया. इधर मधु ने अपनी नाईटी खोली और वो अंदर सिर्फ पेंटी पहने थी. मधु कुछ ही देर में नंगी हो गई और वो अपनी चूत को ऊँगली से सहलाने लगी. मैंने अपनी शर्ट के बटन खोले और कुसुम को लौड़ा चूसने ही दिया. कुसुम ने पुरे के पुरे लंड को मुहं में भर के बड़ा मजा दिया. अब मधु भी अपने घुटनों पे आ बैठी और वो एक छोर से मेरे टट्टे चूसने लगी. बड़ी बहन टट्टे चूस रही थी और छोटी के मुहं में मेरा लौड़ा भरा हुआ था. मधु ने धीरे से कुसुम का मुहं पकड़ा और वो लंड को बहार निकाल बैठी. अब हुआ एक मस्त लेस्बियन किस. जी हाँ मधु ने अपने होंठो को कुसुम के मुहं में डाला और वो दोनों एक दुसरे को चूमने लगी. मैंने अपने हाथ से मधु की चुंचियां पकड़ी और मसलने लगा. मधु ने मेरी और देखा और वो हंस रही थी.

अब दोनों ने किस को तोडा और मधु उठ खड़ी हुई.

मधु: कुसुम चल तू नंगी हो के लेट जा बेड के ऊपर. तेरे जीजू तुझे चोंदेंगे और मैं देखूंगी.

बड़ी बहन की बात कुसुम ने जैसे सर आँखों पे चढ़ाई. वो फट से नंगी हो के अपनी टाँगे फैला के बेड में आ लेटी. मैंने अपने लंड के सुपाडे पे थूंक मला. तभी मधु ने अपने दोनों हाथों से कुसुम की चूत को मेरे लिए खोल डाला. उसकी चूत की लालिमा मुझे और भी उत्तेजित कर रही थी. मैंने जैसे ही अपना गरम गरम लंड कुसुम की चूत पर रखा वो आह की आवाज निकाल बैठी. मधु ने मेरे लंड को टट्टे के पास से पकड़ा और वो उसे कुसुम की चूत के अंदर डालने में मेरी मदद करने लगी. आह की आवाज हुई और मेरा लंड कुसुम की चूत की गहराई में आ बैठा. मधु ने लंड को छोड़ा और वो उठ के अपनी चूत मेरे मुहं के पास ले आई. मैंने अपनी जबान निकाल के उसकी चूत पे फेरा. मधु ने मेरे माथे को पकड के अपने भोसड़े के ऊपर दबा दिया. इधर कुसुम की चूत मेरे लंड पे चपोचप बैठ गई थी, मैंने हलके से अपनी कमर हिलाई और लंड को अंदर बहार करने लगा. कुसुम की चुंचियां हवा में लहराने लगी और वो आह आह कर के चुदवाने लगी. साली की चुदाई करते हुए मैं अपनी बीवी की चूत को चाट रहा था.

अपनी चूत कुछ देर चटवाने के बाद अब मधु कुसुम के पास गई. अपनी चूत की पंखड़ियों को फ़ैला के वो सीधे ही उसके मुहं के ऊपर बैठ गई. कुसुम ने अपनी जबान निकाली और अपनी दीदी की चूत के छेद पे डाल दी. मधु ने पलंग की डंडी को पकड़ा और कुसुम चुदते हुए उसकी चूत को मजे देने लगी. मधु ने एक हाथ से अपनी चुंचियां दबाई और वो बड़ी बड़ी चूंचियों को जोर जोर से दबाने लगी. मैं अपने लंड को कुसुम की चूत के अंदर जोर जोर से पेलता गया और मधु और कुसुम दोनों के नज़ारे देखता भी गया.

साली के बाद बीवी की चूत ली

कुसम की चूत को पांच मिनिट चोदने के बाद, अब मधु ने आके लंड को बहार निकाला. चूत से निकले हुए लंड को उसने सीधे ही अपने मुहं में भर लिया और उसे चूसने लगी. कुसुम भी उठ खड़ी हुई और वो लंड के निचे की चमड़ी को चाटने लगी. 1 मिनिट लंड को मजे देने के बाद मधु बेड में ही कुतिया बन गई. कुसुम ने अपनी दीदी की गांड को दोनों हाथ से फैला दिया जिस से उसकी चूत का छेद मेरे सामने खुल गया. मैंने सीधे ही अपने लंड को छेद पे रखा और एक ही झटके में उसे अंदर पेल दिया. कुसुम अब अपनी टाँगे फैला के दीदी के मुहं के सामने बैठ गई. मधु ने अपनी जबान निकाल के कुसुम की चूत को चाटना और चूसना चालू कर दिया. आह आह की आवाज निकल रही थी जब यह दो बहनों की चुदाई हो रही थी.

मधु पूरी जबान को कुसुम की चूत में डाल के चाट रही थी. इस साली की चुदाई के बाद ऐसे ही उसकी चूत पानी छोड़ चुकी थी; और ऊपर से चाटने पे और भी पानी बहार आ रहा था. मधु अपनी गांड को जोर जोर से हिला के मस्त चुद रही थी. और मेरे बदन के झटकों की वजह से वो कुसुम की चूत को भी मस्त चाट सकती थी. आह आह आह की आवाज से अब पूरा कमरा गूंज रहा था जैसे. मधु भी अपनी गांड को जोर जोर से चला के लंड को मजे देने में व्यस्त थी. कुसुम अब हाथों के सहारे बिस्तर पे लेट के चूत को दीदी के मुहं पे घिस रही थी. तभी मेरा लंड पिगलने लगा, उसकी मलाई बहार आके मधु की चूत में भर गई. मधु ने आखरी दो झटके मारे और वो फिर ढीली हो गई. मैंने लंड को मधु की चूत से निकाल के बहार किया. मैं भी वही बिस्तर पे लेट गया.

कुसुम: क्या जीजू आप तो बहुत जल्दी थक गए, आज पीछे नहीं करोंगे क्या.

मैं: तेरी दीदी का भोसडा बड़ा तेज हैं, थका देता हैं. और पीछे तो मैं तुम दोनों को करना चाहता हूँ लेकिन उसके पहले चाय पिला दो मुझे.

मधु: बस भी करो अब जूठ बोलना, बहुत दिन के बाद आज मुझे चोदा और कहते हो की थक गए. चाय ले के आती हूँ मैं, फिर मुझे एक और राउंड लेना हैं.

मैं: एक काम करता हूँ मेडिकल से वाएग्रा ले आता हूँ मैं. फिर तुम दोनों को आधी आधी घंटा पेलूँगा.

कुसुम: हाँ जीजू मैं आप का पीछे लेना चाहती हूँ…..!

मैंने कपडे पहने और वाएग्रा लाने निकल गया. मधु किचन में चाय बनाने गई और कुसुम वही बिस्तर पे नंगी लेटी रही….!

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